शुक्रवार, 19 नवंबर 2010

fighter

जिस्म तो फिर भी छोटा था
मगर दिल उसका बहुत बड़ा था
आखिर बचपन से मुश्किलों से तो
लड़ता आया था वो
लेकिन एक दिन वो टूट गया
वो जो fighter कि तरह जीता था
वो हार गया
और अब तो ये हाल है उसका
कि अपने ही सायो के पीछे
छुपा रहता है वो ...
ज़िन्दगी शायद बहुत बड़ी होती है
और ये ज़रूरी तो नहीं कि
fighter हमेशा जीतता है

-तरुण

10 टिप्‍पणियां:

  1. यही जीवन है.... ऐसा भी होता है अक्सर ..... जीत हमेशा नहीं मिलती.... कम शब्दों में अच्छा लिखा .....

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  2. nice blog...intelligent posts buddy
    have a view of my blog when free.. http://www.arvrocks.blogspot.com .. do leave me some comment / guide if can.. if interested can follow my blog...

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  3. बहुत सुन्दर चित्रण ,जिन्दगी की सच्चाइ भी यही तो है.........

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  4. आपकी पहले पेज की लगभग सभी रचनायें पढ़ीं. विचार बहुत अच्छे लगे लेकिन अस्रीयात ऐ गैर गैरमामूली रूप से रुनुमा होता है. राय देना शायद हिमाकत हो क्यूंकि मैं कोई अदीब या मुसन्निफ़ नहीं लेकिन हीरा अगर गैर की चमक से चमके तो अच्छा नहीं लगता.
    खैर अंदेश
    वरुण गगनेजा

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  5. तरुण जी काफी बेहतरीन कविताओं का संसार आपने सजाया है....

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  6. हिंदी ब्लागिंग : स्वरूप, व्याप्ति और संभावनाएं '' -दो दिवशीय राष्ट्रीय संगोष्ठी
    प्रिय हिंदी ब्लॉगर बंधुओं ,
    आप को सूचित करते हुवे हर्ष हो रहा है क़ि आगामी शैक्षणिक वर्ष २०११-२०१२ के जनवरी माह में २०-२१ जनवरी (शुक्रवार -शनिवार ) को ''हिंदी ब्लागिंग : स्वरूप, व्याप्ति और संभावनाएं '' इस विषय पर दो दिवशीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जा रही है. विश्विद्यालय अनुदान आयोग द्वारा इस संगोष्ठी को संपोषित किया जा सके इस सन्दर्भ में औपचारिकतायें पूरी की जा रही हैं. के.एम्. अग्रवाल महाविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा आयोजन की जिम्मेदारी ली गयी है. महाविद्यालय के प्रबन्धन समिति ने संभावित संगोष्ठी के पूरे खर्च को उठाने की जिम्मेदारी ली है. यदि किसी कारणवश कतिपय संस्थानों से आर्थिक मदद नहीं मिल पाई तो भी यह आयोजन महाविद्यालय अपने खर्च पर करेगा.

    संगोष्ठी की तारीख भी निश्चित हो गई है (२०-२१ जनवरी २०१२ ) संगोष्ठी में अभी पूरे साल भर का समय है ,लेकिन आप लोगों को अभी से सूचित करने के पीछे मेरा उद्देश्य यह है क़ि मैं संगोष्ठी के लिए आप लोगों से कुछ आलेख मंगा सकूं.
    दरअसल संगोष्ठी के दिन उदघाटन समारोह में हिंदी ब्लागगिंग पर एक पुस्तक के लोकार्पण क़ी योजना भी है. आप लोगों द्वारा भेजे गए आलेखों को ही पुस्तकाकार रूप में प्रकाशित किया जायेगा . आप सभी से अनुरोध है क़ि आप अपने आलेख जल्द से जल्द भेजने क़ी कृपा करें .
    आप सभी के सहयोग क़ी आवश्यकता है . अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें


    डॉ. मनीष कुमार मिश्रा
    के.एम्. अग्रवाल महाविद्यालय
    गांधारी विलेज , पडघा रोड
    कल्याण -पश्चिम
    pin.421301
    महाराष्ट्र
    mo-09324790726
    manishmuntazir@gmail.com
    http://www.onlinehindijournal.blogspot.com/ http://kmagrawalcollege.org/

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  7. फाइटर तो हमेशा ही जीतता है ..बस लोग जीत का अर्थ ही कुछ और समझ लेते हैं

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