बृहस्पतिवार, 26 जनवरी 2012

याद आते है

मूझे वो गुज़रे ज़माने याद आते है 
ज़िन्दगी के दिन सुहाने याद आते है 

यूँ तो अकेला ही तो जिया था मैं 
फिर भी साथी पुराने याद आते है 

आज ही में जी लेते लेकिन
मूझे कल के फ़साने याद आते है 

दर्द उस वक़्त भी साहा था लेकिन 
उम्मीदों के तराने याद आते है 

मेरे अपने तो मूझे याद नहीं लेकिन
मूझे चेहरे अनजाने याद आते है 

-तरुण 

3 टिप्पणियाँ:

  1. मूझे वो गुज़रे ज़माने याद आते है
    ज़िन्दगी के दिन सुहाने याद आते है
    mujhe bhi.....

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  2. मूझे वो गुज़रे ज़माने याद आते है
    ज़िन्दगी के दिन सुहाने याद आते है... Bahut hi Sundar Rachna hai Bhai aapki...

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं